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Story in Hindi to read - Story in Hindi love : Kusum - Ek Paheli (Part 47)

Story in Hindi to read - Story in Hindi love : Kusum - Ek Paheli (Part 47)


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cahnnel name - 23.1 FM

https://youtu.be/ycAf97lbmAc

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शीतल ने रोहित को रोकते हुए कहा "इतनी भी क्या जल्दी है , रात को नहीं रुकोगे क्या हमारे साथ "

रोहित की आँखों में लाल डोरा था , उसका क्रोध चरम पर था | रोहित ने अपने जरुरी कपड़े उतार दिए थे |

उसने शीतल को पकड़ा और बेड पर गिरा दिया , शीतल न नुकर करती रही लेकिन ये सब उसकी रजामंदी से ही हो रहा था | 


जब रोहित जा रहा था तो शीतल ने उसे लास्ट बार टोकते हुए कहा "उम्मीद करेंगे की आप हमारे पास यु ही आते रहोगे और प्यार बरसाते रहोगे "

रोहित ने अपनी सांसे रोकी और कहा "उम्मीद है की अब आप हमे अपनी शक्ल नहीं दिखाओगी "

शीतल ने अपना फ़ोन साइड में रखा और कहा "शायद ये आपका कोई सपना ही हो सकता है , बिस्तर भी शेयर करने को आतुर रहते हो और शक्ल भी नहीं देखना चाहते "

रोहित ने परेशां होते हुए कहा "ये मेरा दुर्भाग्य है की तुम्हारे साथ ये सब , खैर छोड़ो , तुम अपना सामान लो और निकल लो यहां से "

"समय बताएगा रोहित ही निकलेंगे यार आएंगे , हम आ रहे है तुम्हरे घर पर "शीतल ने चेतावनी देते हुए कहा 

रोहित ने कहा "अगर तुम ये गलती करने जा रही हो तो शायद ये तुम्हारी आखिरी गलती होगी "

शीतल जोर जोर से हसने लगी और बोली "हमारी हर एक गलती तुम्हारी परेशानी का सबब बनाने जा रही है , एक छोटा सा नजारा देखना चाहते हो क्या "

रोहित के माथे पर शिकन साफ साफ देखी जा सकती थी , अब क्या गड़बड़ कर दिया इसने ...


रोहित बिना बोले कुछ उलटे पैर बापस होटल के रूम में आ गया , जहाँ बिस्तर पर शीतल अभी भी वैसी ही उसी हालत में चादर से अपने अंग ढके हुए बैठी थी |

उसने अपने फ़ोन में एक वीडियो प्ले किया और जोर से हस्ते हुए रोहित की और फ़ोन की स्क्रीन घुमा दी ...


रोहित ने जब प्ले होती वीडियो देखा तो उसके पसीने छूट गए ... अब बो कमरे के चारो कोनो में अपनी नजरे दौड़ने लगा ||

शीतल हसती ही रही और बोली , इतनी आसानी से नहीं दिखेगा ये कैमरा , ये मैंने ऐसे सेट किया है की आपका हर एक खूबसरत लम्हा कैद कर सकता है ||

देखो देखो कितने अच्छे लग रहे हो बिना कपड़ों के , अरे ये तो देखो तुम्हरे तो सीने पर एक बहुत बड़ा सा तिल है 

सब कैप्चर हो जाता है इसमें || देखो न कैसे तुम मेरे ऊपर आ रहे हो ||


रोहित ने एक झटके के साथ शीतल के हाथ से फोन छीन लिया और उसे बंद करके अपने पॉकेट में रख लिया और बोला "इस फ़ोन की कीमत मिल जाएगी तुम्हे , लेकिन ये फ़ोन अब तुम्हे नहीं मिलेगा , तुम अगर प्रेग्नेंट न होती तो इसका सबक शिखा देता "

शीतल ने कहा "अगर प्रेग्नेंट न होती तो ये सब करती ही क्यों "

रोहित ने कहा "देखो शीतल में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता है अपनी सलामती के लिए तुम यहां से चली जाओ ,अगर ये सब मेरे पापा और उनके आदमियों को पता चल गया तो तुम्हे वो छोड़ेगे नहीं इसलिए में नहीं चाहता की तुम्हारे साथ कुछ गलत हो "


शीतल जोर से हसी और बोली "रोहित ये सब तो तुम ही करवा रहे हो अगर तुमने मेरे अलावा कुसुम को प्रेग्नेंट न किया होता तो आज ये दिक्कत ही नहीं थी , सब पता होने के बाद भी तुमने शादी की बात करली"


रोहित ने कहा "देखो शीतल ये सब मेने नहीं मेरे फॅमिली बालों ने किया है "

शीतल "तुम्हारी बिना रज़ामंदी के और कुसुम को प्रेग्नेंट तुम्हारे घर वालों ने किया है क्या "

रोहित गुस्से से लाल पीला होते हुए बोला "शीतल अपनी हद में रह के बात करो "

शीतल ने कहा "हद में ही हूँ इसलिए तुम यहाँ हो नहीं तो सलोखो के पीछे होना चाहिए तुमको तो "

 

रोहित ने कहा "अब और तुम्हरे मुँह नहीं लगना चाहता इसलिए में जा रहा हूँ "

शीतल ने कहा "जाते जाते मेरा मोबाइल फ़ोन देते जाना , वीडियो फ़ोन में नहीं है वो तो क्लाउड स्टोरेज  पर है, और टेंशन न लो जब तक तुम न कहोगे किसी को नहीं दिखाउंगी "


रोहित ने गुस्से उसका फ़ोन फेकते हुए वहां से चला गया , नीचे जा कर अपनी गाड़ी में बैठ गया , और स्मोक करता रहा , सोचता रहा साला कोनसी मुसीबत में फस गया हूँ  | अगर पापा को पता चलेगा की कुसुम भी प्रेग्नेंट है तो मार ही डालेंगे या खुद मर जायेगे |


घर जाते टाइम रस्ते भर रोहित यही सोचता रहा , कैसे बात करे आज वो अपने पापा से कुसुम के लिए , और ऊपर से ये शीतल के तो कुछ ज्यादा ही पर निकल आये है | पहले तो इसका कुछ करना पड़ेगा | मर्डर करा दू इसका , कुछ पैसे ही तो लगेंगे | कम से कम इससे छुटकारा तो मिलेगा | लेकिन मेरे लिए ये काम कौन करेगा |


रोहित घर पहुंच गया था , उसके घर पर लोगो की भीड़ तो आज कल लगी ही रहती थी | लोग आ रहे थे जा रहे थे |

अरे रोहित बाबू आज पूरे दिन कहाँ थे , दिखे ही नहीं तुम्हरे बिना कितना काम रुका पड़ा रहा था | आज कम से कम चार गांव में घूम लिए होते , कुछ तो वोट अपना बनता भाई |


लेकिन रोहित ने किसी का कोई जवाव नहीं दिया , सीधा अपनी माँ के पास पहुंचा , वो किचन में खाना पकने की तैयारी कर ही थी |


"अरे बेटा आज कहाँ थे तुम , तुम्हरे बाबू जी कब से तुम्हे कॉल कर रहे थे तुम हो की फ़ोन ही नहीं उठाते , बता के तो गए होते " रोहित की माँ ने हजारो सवाल एक साथ कर दिए थे |


रोहित ने कहा "माँ जरा इधर आओ हमे आपसे कुछ जरुरी बात करनी है "

"हाँ कर लेना पहले अपने बाबू जी के पास जाओ उन्हें कुछ काम करना है तुमसे , गुस्सा कर रहे थे " रोहित की माँ ने अपना काम करते करते कहा |


रोहित "माँ हम कह रहे है न कुछ जरुरी बात करनी है आपसे "

"तो बोल क्यों नहीं देते , और तो कोई नहीं है यहां बोलो " रोहित की माँ ने गुस्साते हुए कहा 

रोहित "माँ वो हमे शादी करनी है जल्दी ही "

रोहित की माँ रोहित को देखती ही रह गयी .....


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1 Comments

  1. यह कहानी मैंने पहले भी पढ़ी है लेकिन जैसे आपकी वेबसाइट में लिखी है उसका अंदाज अलग है। अगर आप इसी प्रकार की कहानियां पढ़ना और लिखना पसंद करते हैं तो इस वेबसाइट
    पर इसी प्रकार की 300 से भी ज्यादा कहानियां है

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