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Hindi Kahani New : Arrange Marriage Part - 31 | Love Story Hindi

 

Hindi Kahani New : Arrange Marriage Part - 31 | Love Story Hindi




कार्तिक ने अमन को बैठने को कहा तो अमन ने सामने पड़ी चेयर पर बैठ गयी | कार्तिक ने अपनी निगाह नीचे करती हुए पूछा "कैसी हो "

अमन ने कार्तिक की ओर देखते हुए कहा "मैं ठीक हूँ , आज तो आप दिखे ही नहीं , कहा थे "

कार्तिक - मैं तो यही था , कही गया ही नहीं 

अमन ने फिर से कहा "हो सकता है "

कार्तिक ने बात को डाइवर्ट करती हुए पूछा "आज सुहानी जरूर नहीं दिख रही " 

अमन ने कहा "हाँ आज वो आयी नहीं , उसे कुछ प्रॉब्लम है आज " 

कार्तिक ने कहा "तुमने बात नहीं की , पूछा नहीं क्या प्रॉब्लम है "

अमन ने कहा "हाँ किया था कॉल , बता रही थी , स्टमक  पैन बता रही थी "

कार्तिक ने कुछ देर सोचा फिर बोला "ये स्टमक पैन बाली प्रॉब्लम सब में ही होती है क्या "

अमन पहले तो कुछ देर मुस्करायी फिर बोली "ओर किसने बताया आपको इस प्रॉब्लम के बारे में "

कार्तिक ने कहा "मैं ज्यादातर यही सुनता रहता हूँ , पेट में दर्द है , कमर में दर्द है इसलिए "

अमन ने कहा "हम्म होता है , तभी तो बताया है सुहानी ने "

कार्तिक ने कहा "तो डॉक्टर को क्यों नहीं दिखा देती है , अगर प्रॉब्लम है ही तो "

अमन ने कहा "अरे यार ये प्रॉब्लम होती ही ऐसी है की हर महीने प्रॉब्लम होती है "

कार्तिक ने फिर से पूछा "तुम्हे होती है ये प्रॉब्लम "

अमन मुस्कारते हुए सोचने लगी ये बंदा जानबूझ कर बनने की कोशिश कर रहा है या फिर बास्तव में इसे कुछ समझ नहीं आ रहा जिस तरफ मैं इसारा करना चाह रही हूँ |

फिर अमन ने कहा "चलो छोडो , होती होगी "

कार्तिक और अमन बात करती रहे , कार्तिक आज फिर से अमन को निहारता ही रहा , क्युकी आज अमन कल से बिलकुल ही डिफरेंट लुक दे रही थी , कल कहाँ बिलकुल आधुनिक का का प्रदर्शन कर रही थी और आज टिपिकल भारतीय नारी बाले परिधान में काफी जच रही थी | आज वो बिलकुल कल के उल्ट कुर्ती और लागिगंस पहने हुए थी , बाल एकदम स्ट्रेट सीधे आधे खुले आधे क्लेचर से बधे हुए थे | कानो में छोटी छोटी से चमकीली बालिया जो की कल नहीं थी , आज उसके कानो की शोभा को और भी बढ़ा रही थी |

कार्तिक को अपनी ओर बार बार देखते देख अमन थोड़ा सा असहज महसूस करने लगी थी , तभी कार्तिक ने भी महसूस किया की वो देख नहीं अब तो घूर रहा था | इसलिए अब उसने अपनी नजरे झुका ली |

अमन जाने लगी और जाते जाते बोली "आज लंच साथ में ही करेंगे , जब फ्री होना तो बोल देना "

कार्तिक अपने दांतो से अपने होठ दवाये हुए उसे बस देखता ही रहा ||

ये नजारा नायरा बहुत देर से नोटिस कर रही थी की कार्तिक अमन को देख देख कर खूब बतिया रहा है |

जब उससे नहीं रहा गया और वैसे भी अमन वहां से जा चुकी थी तब , नायरा ने कहा "रहा नहीं जा रहा है , आज कल बहुत बाते हो रही है कभी सुहानी से कभी सुहानी की फ्रेंड से "

कार्तिक ने नायरा की ओर देखा और कहा "क्यों आपको क्यों बुरा लग रहा है , किसी की ख़ुशी देखी नहीं जा रही है न "

नायरा ने कहा "हाँ नहीं देखी जा रही है , कल तक तो तुम मेरे साथ थे , अचानक से , मैं ऐसे नहीं जाने दूंगी तुम्हे "

नायरा की एक दम साफ और स्पस्ट बात सुन कार्तिक हैरान रह गया आखिर लड़की डायरेक्ट कैसे बोल रही है , कार्तिक भी जनता था की नायरा उसे कही न कही लाइक तो करती है , लेकिन वो बॉस के साथ मिल के या फिर उसके कहने पर लालच में या फिर दवाव में बॉस के साथ जरूर खिचड़ी पका रही है |

फिर कार्तिक ने कहा "देखो हमारे बीच ऐसा बैसा कुछ नहीं था , ठीक है और वैसे भी तुम तो टकलू की गर्लफ्रेंड हो "

"क्या बोला तुमने , टकलू की गर्लफ्रेंड , मिस्टर , दुवारा मत बोल देना ये सब " नायरा ने गुस्साते हुए कार्तिक को ऊगली दिखते हुए कहा 

नायरा की धमकी सुन के कार्तिक का गला सूखने लगा था , उसने अपनी बोतल उठा के पानी का एक घुट पीते हुए कहा "इसमें इतना चिढ़ने वाली क्या बात है , सुबह तुम ही तो बता रही थी सब कुछ "

नायरा ने कहा "तुम जानबूझ के मुझे tease कर रहे थे इसलिए मेने सब झूठ बोला , और नायरा रोने लगी "

नायरा को रोते देख कार्तिक के पसीने छूटने लगे , उसे लगा अगर किसी ने नायरा को रोते हुए देख लिया तो न जाने लोग क्या क्या सोचेंगे , उन्हें तो लगेगा मैं नायरा को छेड़ रहा होगा , और ऊपर से बॉस तो मार ही डालेगा ||

उसने तुरंत नायरा को शांत होजाने के लिए कहा "और उसका हाथ पकड़ के उसे चुप कराने लगा "

 थोड़ी देर बाद सब कुछ नार्मल हो गया , ऊपर बाले का शुक्र था की किसी ने ये सब ड्रामा न तो सुना था और न ही किसी ने देख पाया | अपने आंसू और नोजी साफ करती हुए नायरा ने कहा "आज तुम्हे लंच मेरे साथ करना होगा "

कार्तिक ने कहा "क्या बचपना कर रही हो , अभी कोई देखेगा तो क्या कहेगा , "

नायरा ने कहा "यही मैं समझना चाह रही हूँ , लोग क्या कहेगे , इसलिए इधर उधार मत भटको "

कार्तिक अब शांत हो कर अपना काम करने लगा | 


लंच टाइम से ठीक पहले उसे एक कॉल आयी , ये नंबर उसके फोन सेव नहीं था , लेकिन कुछ पहिचाना सा लग रहा था , थोड़ी देर देखने के बाद उसे याद आया , अरे ये तो वही नंबर है जो कल रात को नीलू ने उसे फेसबुक पर दिया था |

उसने कॉल पिक किया और अपने केबिन से बहार जाने लगा |

बात करते करते बो बाहर आ चुका था |

थोड़ी देर बात करने के बाद उसने कॉल कट करदी , और अपनी शीट पर आ कर बैठ गया और कुछ सोचने लगा था , उसके चेहरे पर ख़ुशी साफ नजर आ रही थी |

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